
भारत में न्यायपालिका का एक महत्वपूर्ण स्थान है, जो संविधान की संरक्षक और नागरिक अधिकारों की रक्षक के रूप में कार्य करती है। न्यायिक सक्रियता और न्यायिक अतिरेक दो ऐसे सिद्धांत हैं, जिन पर न्यायपालिका की भूमिका और उसकी सीमाओं को लेकर बहस होती रहती है। न्यायिक सक्रियता वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से न्यायपालिका न्यायिक…








